ऊंची फीस, वीआईपी सुविधाएं और चमक-दमक के पीछे का काला सच; योग्य शिक्षकों के नाम पर पैरेंट्स से वसूली जा रही मोटी रकम, पढ़ाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति।

और ‘महीने की बंधी कमाई’ के चलते इन स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
अभिभावक संघ ने दी चेतावनी: अब आर-पार की लड़ाई
गाडरवारा के जागरूक अभिभावकों का कहना है कि वे अब इस धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि प्रशासन ने जल्द ही एक विशेष जांच दल बनाकर सभी प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों (Degrees) की जांच नहीं की, तो उग्र आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा।